ग्रामीण बैंकों में कामकाज ठप, भटकते रहे उपभोक्ता

ग्रामीण बैंकों में कामकाज ठप, भटकते रहे उपभोक्ता

गोंडा : ग्रामीण बैंकों में अनुकंपा के आधार पर भर्ती शुरू करने की मांग को लेकर कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। इससे जहां उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं दूसरी तरफ करीब 20 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। ग्राहकों को बैं¨कग सेवाएं दो अप्रैल से मिलेंगी।

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बुधवार को धरने को संबोधित करते हुए सर्व यूपी ग्रामीण बैंक इंपलाइज एसोसिएशन के महामंत्री फौजदार दूबे ने कहा कि ग्रामीण बैंकों में अनुकंपा के आधार पर भर्ती न होने से आश्रितों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार मांग के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

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बैंकों का निजीकरण करने के लिए बड़ी साजिश चल रही है। कर्मचारी अपने हक को लेकर आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। जिले में ग्रामीण बैंक की 87 शाखाओं में कर्मचारियों ने पूरी तरह से तालाबंदी करके विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश मीडिया प्रभारी शैलेंद्र बहादुर ¨सह ने कहा कि काफी लंबे समय से मांग के बावजूद बैंक कर्मचारियों को कंप्यूटर इंक्रीमेंट आदि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कर्मचारियों की मांगों पर सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, लाभ कोई नहीं मिला।
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धरने में सर्वेश कुमार तिवारी, कन्हैयालाल गौड़, ओपी तिवारी, जयराम सुमन, अभिमन्यु कुमार, रंजीत कुमार ¨सह, फौजदार दूबे आदि मौजूद रहे। हड़ताल के चलते उपभोक्ताओं को लगातार तीसरे दिन भी बैं¨कग सेवाएं नहीं मिल सकीं। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक आशुतोष चोपड़ा ने बताया कि जिले की 87 बैंक शाखाओं में हड़ताल के चलते तालाबंदी तीसरे दिन भी रही। करीब 20 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान है। एक अप्रैल को बैंक क्लो¨जग रहेगी। ग्राहकों को सेवाएं दो अप्रैल से मिलेंगी।
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बैंक कर्मियों की हड़ताल, उपभोक्ता हुए बेहाल

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Source: Jagran

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