इवेंट-बीच भंवर में कश्ती और टूटी है पतवार

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खरगूपुर (गोंडा) : बाबा अब्दुर्रहमान शाह वारसी के सालाना उर्स पर गत बुधवार रात जवाबी कव्वाली का आयोजन किया गया। क्षेत्र के महाराजगंज कस्बा में आयोजित प्रोग्राम में फैजाबाद के अवध अली साबरी ब्रदर्स व वाराणसी की रौनकजहां के बीच कव्वाली हुई।

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कव्वाल साकिब अली सावरी ने Þबीच भंवर में कश्ती है और टूटी है पतवार, अल्लाह मेरे मौला मेरे तू है खेवनहार, लगा दे मेरा बेड़ा पार.. से आगाज किया। इस पर सभी श्रोता झूम उठे। इसके बाद नातेपाक जगह-जगह कुरान में बड़ाई रसूल की प्रस्तुति पर लोग झूम उठे।

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रौनकजहां ने या अल्लाह मेरे मौला मेरी लाज रखना व इसके बाद गजल दिल जो शर्मा रहा है की प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। पूरी रात चले इस कार्यक्रम में शाकिब अली सावरी ने राधा कृष्ण के गीत अब भी उदास रात में कहती है राधिका पर दर्शकों की तालियों से खूब वाहवाही बटोरी। इस अवसर पर कमेटी के सदर शाहिद आलम उर्फ नवाब, मोहम्मद तौफीक, सबरुद्दीन, रामदेव, अनवर अली, अब्दुल कादिर उर्फ मंजू सहित अन्य मौजूद रहे।
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Source: Jagran

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