बैंक कर्मियों की हड़ताल, उपभोक्ता हुए बेहाल

समय-12.30 बजे। स्थान-सर्व यूपी ग्रामीण बैंक बालपुर बाजार। यहां पैसा निकालने आए डा. एके ¨सह बैंक में ताला लटकता देख मायूस हो गए। उनका कहना था कि स्कूल में बच्चे की फीस जमा करना है, पैसा ट्रांसफर करना था लेकिन बैंक बंद होने से लौटना पड़ रहा है। पैसा निकालने आए सालिकराम का कहना है कि बैक बंद जिसके कारण खेत मे डालने के लिए खाद नहीं खरीद सके। पूरे बलदेव के विनोद कुमार पांडेय रुपया निकालने बैंक पहुंचे तो देखा कि बैंक बंद है। उन्होंने बताया कि बैंक के हडताल की जानकारी नही थी। भुलभुलिया प्रधान राकेश ¨सह का कहना है कि पैसा न मिल पाने के कारण शौचालय बनवाने वाले लाभार्थियों को दिक्कतें हुई हैं।हलधरमऊ संवादसूत्र के अनुसार हड़ताल के चलते बैंक में तालाबंदी रही। जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। परसपुर संवादसूत्र के अनुसार ग्रामीण बैंक में हड़ताल के चलते लोग परेशान हुए, जबकि अन्य बैंकों में भी भीड़ अधिक दिखी। धानेपुर संवादसूत्र के अनुसार क्षेत्र के सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखा धानेपुर, अलावल द वरिया आदि शाखाएं बंद रहीं। उमरीबेगमगंज संवादसूत्र के अनुसार बैंक कर्मियों के हड़ताल से खाताधारकों को परेशानी उठानी पड़ी। वजीरगंज संवादसूत्र के अनुसार दो दिन अवकाश के बाद बैंक खुलने की उम्मीद में उपभोक्ता आए थे, लेकिन तालाबंदी होने से लौटने को मजबूर हुए।

मांगें पूरी करो तब खत्म होगी हड़तालसर्व यूपी ग्रामीण बैंक अधिकारी एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल गौड़ ने कहा कि आरएम ऑफिस के समीप आयोजित धरने को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण इंपलाइज यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में ग्रामीण बैंकों के निजीकरण के विरोध में तीन दिवसीय हड़ताल शुरू की गई है। जिले में ग्रामीण बैंक की 87 शाखाओं में पूरी तरह से तालाबंदी करके विरोध प्रदर्शन किया। जबतक मांगें पूरी नहीं होती तबतक हड़ताल बंद नहीं होगी। प्रदेश मीडिया प्रभारी शैलेंद्र बहादुर ¨सह ने कहा कि काफी लंबे समय से मांग के बावजूद बैंक कर्मचारियों को कंप्यूटर इंक्रीमेंट आदि का लाभ नहीं मिल सका है। धरने में सर्वेश कुमार तिवारी, ओपी तिवारी, जयराम सुमन, अभिमन्यु कुमार, रंजीत कुमार ¨सह, फौजदार दूबे आदि मौजूद रहे।

करोबार प्रभावित

जिले की 87 बैंक शाखाओं में हड़ताल के चलते तालाबंदी रही। करीब 12 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान है। तीन दिवसीय हड़ताल 28 मार्च तक चलने की सूचना है।

-आशुतोष चोपड़ा, क्षेत्रीय प्रबंधक सर्व यूपी ग्रामीण बैंक गोंडा

इनसेट

बैंक कर्मियों की मांगें

-पेंशन व पीएफ प्रयोजक बैंकों के समान लागू किया जाय।

-ग्रामीणों बैंकों के निजीकरण प्रयास बंद किया जाय।

-अनुकंपा के आधार पर भर्ती योजना ग्रामीण बैंकों में फिर लागू की जाय।

-ग्रामीण बैंकों में कंप्यूटर इंक्रीमेंट भुगतान किया जाय।

-प्रायोजक बैंकों के समान सेवा शर्तें, भर्ती व पदोन्नति नीति की जाय।

26 मार्च से हड़ताल करेंगे बैंककर्मी

 

 

Source: Jagran

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